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सरकार के विचारों से असहमत होना देशद्रोह नहीं माना जाएगा - सुप्रीम कोर्ट
3 मार्च
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, " सरकार के विचारों और राय से असहमत होना राजद्रोह का अपराध नहीं माना जाएगा। सरकार की राय से अलग विचार और राय व्यक्त करना भी राजद्रोह नहीं माना जाएगा।"
सुप्रीम कोर्ट की बेंच - जस्टिस संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के विचारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका रजत शर्मा (सरदार पटेल के विश्व गुरु इंडिया विजन के सचिव और ट्रस्टी) और डॉ नेहा श्रीवास्तव द्वारा दायर की गई थी।
लेखक: पपीहा घोषाल