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उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में लापरवाही के लिए जुर्माना- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

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उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में लापरवाही के लिए जुर्माना- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट 7 दिसंबर, 2020

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने पर एक मूल्यांकनकर्ता पर 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को बढ़े हुए अंकों के साथ संशोधित अंकसूची जारी करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन पूरी सावधानी से किया जाना चाहिए और ऐसी लापरवाही छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाएगी। न्यायालय ने कहा कि इस तरह का जुर्माना लगाने का उद्देश्य यह है कि स्वयं की आर्थिक क्षति होने से लंबे समय तक गलती न दोहराने की भावना गहरी होगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता एक प्रतिभाशाली छात्र है। उसे कक्षा 12वीं में रसायन विज्ञान में केवल 30 अंक दिए गए थे, जिससे वह संतुष्ट नहीं था।

इसके अलावा, उच्च न्यायालय ने कहा कि उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन अत्यंत जिम्मेदारी का कार्य है, इसलिए लापरवाही अक्षम्य है।

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