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केरल उच्च न्यायालय ने माना कि ऑनलाइन रमी पर प्रतिबंध असंवैधानिक और मनमाना है

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केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन रमी पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसा प्रतिबंध असंवैधानिक है और रमी कौशल का खेल है। और पैसे के लिए कौशल वाले खेलों (ऑनलाइन) पर प्रतिबंध लगाना मनमाना और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ताओं ने केरल गेमिंग अधिनियम, 1960 के प्रावधानों के तहत 23 फरवरी, 2021 को केरल सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी, जो दांव पर खेले जाने वाले रम्मी पर प्रतिबंध लगाती है। याचिकाकर्ताओं ने आंध्र प्रदेश राज्य बनाम के सत्यनारायण और अन्य तथा केआर लक्ष्मणन बनाम तमिलनाडु राज्य और अन्य पर शीर्ष न्यायालय के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि रम्मी कौशल का खेल है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी माना कि कोई भी खेल जिसमें सफलता पर्याप्त कौशल पर निर्भर करती है, उसे जुआ नहीं माना जाएगा।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दांव के साथ कौशल खेल से याचिकाकर्ताओं द्वारा प्राप्त लाभ एक व्यवसाय है और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत संरक्षित है। यह पहले से ही तय है कि ऑनलाइन रम्मी गेमिंग विनियमन के तहत कौशल का खेल है। इसलिए, खेल पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना भारत के संविधान के अनुच्छेद 246 के विपरीत है।

एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.आर. रवि ने याचिकाकर्ता की दलील को उचित पाया और सरकार की अधिसूचना को लागू करने योग्य नहीं घोषित किया।


लेखक: पपीहा घोषाल

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