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उच्च न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया और मौत की सजा सुनाई

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उच्च न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया और मौत की सजा सुनाई

25 अक्टूबर, 2020

माननीय पटना उच्च न्यायालय ने आरोपी को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई मौत की सजा को खारिज कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 ए, 120 बी, 302, 376 (डी) और लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 6 (जी) के तहत दोषी ठहराया था, आरोपी को नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था।

माननीय न्यायालय ने पाया कि अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के मुद्दे पर अभियोजन पक्ष के तीनों गवाहों की गवाही पूरी तरह से निराशाजनक और यहां तक कि आत्म-विरोधाभासी है। न्यायालय ने आगे कहा कि यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपों को साबित करने के लिए वैज्ञानिक या चिकित्सा संबंधी साक्ष्यों की कमी है या कोई सबूत नहीं है। न्यायालय ने आगे पीड़िता पर केरोसिन डालकर उसे आग लगाने की संभावना को खारिज कर दिया।

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