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नफरत फैलाने वाले भाषण देने के आरोपी यति नरसिंहानंद को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी

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हरिद्वार सत्र न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पांडे ने 2021 में आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम में मुसलमानों के खिलाफ अभद्र भाषा देने के आरोपी यति नरसिंहानंद को जमानत दे दी।

अदालत ने आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने यह वचन देने का आदेश दिया कि वह किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई घृणास्पद भाषण नहीं देगा या उसका हिस्सा नहीं होगा। जमानत अर्जी को 50,000 रुपये की दो जमानत और इतनी ही राशि का निजी मुचलका जमा करने की शर्त पर मंजूर किया गया।

जनवरी 2016 में नरसिंहानंद को गिरफ्तार किया गया और उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना), 509 (किसी महिला की विनम्रता का अपमान करने का इरादा) और 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया।

इससे पहले मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर भी अलग से सुनवाई कर रहा है।


लेखक: पपीहा घोषाल

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